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Chapter 3,4

कुछ देर में द्रांश का नंबर आ जाता हैं और उसे भी खाना मिल जाता है खाना लेकर पहले तो वो इधर उधर देखता है तो कुछ लोग वहां पड़ी बेंच पर बैठ कर खाना खा रहे होते है

द्रांश भी बाकी के लोगों की तरह जा कर बेंच पर बैठ जाता है और खाना खाना स्टार्ट कर देता है जैसे ही वो एक बाइट खाता है उसकी आंख में आंसू भर आते है वो खाना उसे इतना ज्यादा तीखा लगता है कि उसे और खाने की हिम्मत नहीं होती पर अब उसके लिए भूख सहन कर पाना भी मुश्किल हो रहा था इसलिए वो अब वहीं खाना खाने को होता है वो जैसे ही दूसरा बाइट खाने को होता है तभी कोई उसका हाथ पकड़ लेता है

द्रांश अपनी गर्दन घुमा कर देखता है तो सामने एक आदमी खड़ा होता है जो कि किसी खतरनाक बॉडी बिल्डर की तरफ दिख रहा होता है वो आदमी द्रांश को देख कर कहता है क्या बे अपने आप को बहुत बड़ा हीरो समझता है या कही का राजा है

द्रांश को जैसे उसकी बात समझ नहीं आ रही थी वो चुपचाप उसकी बात सुनता है फिर अपनी नॉर्मल वॉइस में कहता है क्या मुझसे कोई गलती हो गई है

वो आदमी द्रांश का मजाक उड़ाते हुए कहता है अरे अरे तू तो कितना भोला भाला है तेरी ये मासूम सी शक्ल देख कर तो कोई भी नहीं कह सकता कि तू क्रिमिनल है लेकिन अंदर से तो तू बहुत कमीना है 18 साल की उम्र में इतनी गर्मी है तेरे अंदर की अपनी ही मां के साथ उस आदमी की बात पूरी होने से पहले दूसरा आदमी कहता है अरे इसकी अपनी मां नहीं है सौतेली मां है

वो आदमी अच्छा तो ये बात है इसके बाप ने दूसरी शादी की और इस पिल्ले ने सोचा कि बाप के साथ साथ ये भी वो आदमी आगे कुछ कहता उससे पहले

द्रांश गुस्से से पर नॉर्मल वॉइस में ही कहता है देखिए मिस्टर आप जो भी है पर आप को मेरे बारे में इस तरह बात करने का कोई हक नहीं है और बेहतर होगा कि हम बात न करे ये आप की जगह है तो ठीक है आप यहां बैठिए मै हट रहा हूं वो अपनी थाली उठा कर उस जगह से हट जैसे एक कदम आगे बढ़ता है

वो आदमी द्रांश को जाते देख कहता है ओए पिल्ले चल जा मेरे लिए खाना लेकर आ

द्रांश उसकी बात को अनसुना कर अपना खाना खाने लगता है

वो आदमी ये देख गुस्से से भर जाता है वो गुस्से से द्रांश की तरफ जा कर उसके बाल पकड़ कर उसे खींच के उठता है और उसकी थाली को लात मार देता है

द्रांश ने फाइटिंग स्किल्स सीखी थी हालांकि वो अभी बेहतर तरीके से लड़ना नहीं जानता था पर कुछ दाव पेंच वो जनता था उसकी फाइटिंग स्किल्स क्लास अभी कंपलीट नहीं हो पाई थी और अब तो सीखना उसके लिए पॉसिबल भी नहीं है पर जितना उसे आता है उनका इस्तेमाल कर वो उस आदमी के चिन पर कोहनी से मारता है

द्रांश ने अपनी पूरी ताकत से उसे मारा था जिस वजह से वो आदमी लड़खड़ा के कुछ कदम पीछे हट जाता है पर इसी के साथ उसके और भी लोग द्रांश को मारने के लिए खड़े हो जाते है वहीं उस आदमी के मुंह से ब्लड आ जाता है ये देख कर उस आदमी के ग्रुप के और भी लोग द्रांश से फाइट करने लगते है

वो लोग द्रांश से ताकत और उम्र दोनों में ही ज्यादा थे वो सब मिलकर द्रांश को मारने लगते है द्रांश उनसे लड़ता तो है पर उन सब का सामना करना एक 18 साल के लड़के ले लिए काफी मुश्किल था ऊपर से भूखे पेट और पहले से ही उसकी बॉडी पर काफी चोट लगी थी फिर भी वो उनसे बचने की कोशिश करता पर तभी वहां कॉन्स्टेबल आ जाते है उन्हें देख कर सारे कैदी अपनी जगह पर खड़े हो जाते है

कॉन्स्टेबल वहां आ कर चिल्ला कर कहते है ओए ये क्या मछली बाजार बना रखी है तुम लोगों ने अगर सर यहां आ गए न तो एक एक की खबर लेंगे

तभी उन कैदियों में से एक कहता है सर हमने कुछ नहीं किया ये तो इस लड़के ने हमारे रघु भैया पर हाथ उठाया है देखिए कितना खून बह गया है उनका

द्रांश जो कि वहीं जमीन पर बेसुध हो कर गिरा पड़ा था कॉन्स्टेबल उसकी तरफ देख कर कहता है हां हां मुझे दिख रहा है किसने किसको मारा फिर वो द्रांश के पास आ कर उसे उठा कर वहां से ले जाते है वो लोग उसे वहां के मेडिकल रूम में ले जाते है

मेडिकल रूम में ले जाकर कॉन्स्टेबल द्रांश को बेड पर लिटा देते है

डॉक्टर द्रांश के पास आकर उसकी ट्रीटमेंट करते है उसके चोट पर ऑइंटमेंट लगा कर डॉक्टर उसे एक इंजेक्शन लगा देते है और कुछ देर रेस्ट करने के लिए कहते है कॉन्स्टेबल उसे उसी हाल में वापस से ले जाकर लॉक अप में बंद कर देते है

द्रांश ऐसे ही जमीन पर बेहोश हाल में पड़ा होता है तभी उसे महसूस होता है जैसे उसके सर पे कोई हाथ फेर रहा होता है और इसी के साथ उसे फिर से अपनी मॉम की आवाज सुनाई देती है

द्रांश जो कि वापस से अपने सपनों में चला जाता है द्रांश उसकी मॉम और डैड वो लोग उस दिन पूरा टाइम खूब मस्ती करते हैं वो लोग टेंपल के बाद एम्यूजमेंट पार्क और शॉपिंग के लिए भी जाते है और फिर वो लोग एक 7 स्टार होटल में डिनर करने जाते है साधना अपने हाथ से द्रांश को खाना खिलाती है

और द्रांश वो भी स्माइल करते हुए खाना खा रहा होता है खाना खाते हुए उसे अचानक से खांसी आने लगती है द्रांश जो कि नींद में ही अपनी मॉम के हाथ से खाना खा रहा होता है पर अचानक खांसी आने से वो नींद से जाग जाता है नींद से जागते वो धीरे धीरे अपनी आंखे खोलता है तो देखता है उसके पास एक थाली रखी होती है जिसमें खाना रखा होता है

Chapter 4

द्रांश नींद से जागता है धीरे धीरे अपनी आंखे खोलता है तो देखता है उसके पास एक खाने की थाली रखी होती है ये देख वो जल्दी से उठता है और बिना इधर उधर ध्यान दिए वो जल्दी से खाना खाने लगता है हालांकि खाना तीखा था पर उसे अभी बहुत ज्यादा भूख लगी थी

खाना खाते हुए उसे सिर्फ साधना का ख्याल ही था वो जल्दी जल्दी खाना खा रहा होता है पर जैसे जैसे उसकी भूख शांत होने लगती है उसके खाने की स्पीड धीमी होने लगती है और अब उसका पेट भर जाता है पर उसके माइंड में अभी यहीं बात थी कि कितने टाइम बाद उसे पेट भर खाना खाने के लिए मिल रहा है बेशक ये खाना उसके मन लायक तो नहीं था पर उसकी भूख शांत करने और उसके बेजान शरीर में जान डालने के लिए काफी था

वो यहीं सब सोचते हुए अपनी आँखें बंद करता है तो उसे अपनी मॉम का चेहरा नजर आता है अपनी आंखे बंद किए हुए ही वो कहता है "I love you mom I miss you so much" आप क्यो मुझे छोड़ कर चली गई "please come back mom please" अपनी बात कहते हुए वो रोने लगता है तो उसे साधना के कहे हुए शब्द याद आते है जब वो प्यार से उसे समझाते हुए कहती है

द्रांश बेबी ऐसे रोते नहीं है और तुम तो मेरे स्ट्रांग बेटे हो न जो प्रॉब्लम से डरता नहीं है और न ही भागता है बल्कि प्रॉब्लम को फेस करता है उससे फाइट करता है एंड डोंट वरी बेटा प्रॉब्लम कितनी बड़ी क्यों न हो पर उसका एंड होना डिसाइड है और तुम तो मम्मा के ब्रेव बॉय हो इसलिए अब रोना बंद करो और खुद को स्ट्रांग करो इस प्रॉब्लम को फेस और फाइट करने के लिए मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं

द्रांश अपनी आंखे खोल कर अपने आंसू साफ करता है फिर वो अपनी थाली उठा कर जैसे पानी पीने के लिए उठता है उसके सामने एक आदमी बैठा होता है उसे देख कर द्रांश कहता है ये खाना यहां आप लाए थे

वो आदमी अपनी नॉर्मल वॉइस में हां

द्रांश आपका खाना था ये

वो आदमी फिर से एक शब्द में ही जवाब देता है हां

द्रांश आपने मुझे क्यों दे दिया अपना खाना

वो आदमी बिना किसी भाव के तुम्हे जरूरत थी

द्रांश अब आप क्या मतलब आप क्या खाएंगे

वो आदमी चुप वो अब कुछ नहीं बोलता

द्रांश थैंक्यू

वो आदमी ये थाली यहां रख दो कोई कॉन्स्टेबल आकर ले जाएगा

द्रांश जी

फिर वो थाली रख को एक साइड रख देता है और जा कर अपनी जगह लेता जाता है और कुछ देर बाद उसे नींद आ जाती है दिन भर काम कर के वो काफी ज्यादा थक गया था इसलिए उसे लेटते नींद आ जाती है

अगले दिन

सारे कैदी उठ कर अपने काम में लग गए थे द्रांश भी उठ गया था और सब की तरह वो भी अपने काम में लग गया था उसकी बॉडी में अभी भी दर्द था क्योंकि अभी उसके जख्म ताजे थे ऐसे ही काम करते हुए दोपहर हो जाती है और उन सब के खाने का टाइम हो जाता है

सारे कैदी खाना लेने के लिए अपनी थाली ले कर लाइन में खड़े हो जाते है

द्रांश भी अपनी थाली लेकर उस लाइन में जाकर खड़ा हो जाता है पर तभी वहां पर वो आदमी आता है जिसकी कल द्रांश से लड़ाई हुई थी

वो आदमी आ कर वहां खड़ा हो कर एक नजर सारे कैदियों को देखता है वो इस तरह से इधर उधर देख रहा था जैसे वो किसी को ढूंढ रहा हो तभी उसकी नजर द्रांश पर जाकर रुकती है क्योंकि वो किसी और को नहीं द्रांश को ही ढूंढ रहा था

द्रांश जो कि खाना लेने के लिए लाइन में आगे बढ़ रहा था उसके आगे 5 और लोग थे एक एक कर उन सब को खाना मिल जाता है और उन लोगों के बाद अब द्रांश का नंबर आ जाता है वो खाना खाने के लिए आगे बढ़ता है तो कोई उसके हाथ से थाली छीन लेता है

द्रांश सामने देखता है तो वो कोई ओर नहीं वही आदमी मतलब रघु था जिसने कल उससे लड़ाई की थी

द्रांश अपनी थाली लेने के लिए हाथ आगे बढ़ाता है वो आदमी अपने हाथ पीछे कर देता है द्रांश उसकी ये हरकत देख कर गुस्से से भर जाता है फिर भी वो खुद को कंट्रोल करते हुए कहता है आखिर आप को मुझसे क्या प्रॉब्लम है

रघु कल तूने जो किया उसके लिए मेरे पैरों में गिर कर अपनी नाक रगड़ कर मुझसे माफी मांग फिर वो वहां मौजूद सभी लोगों की तरफ अपनी उंगली प्वाइंट करते हुए कहता है यहां पर ये सब मेरे सामने झुक कर रहते है और तुझे भी मेरे आगे झुक कर रहना होगा वरना

उसकी बात सुन द्रांश का दिमाग भी खराब हो रहा था गुस्से से उसका खून खौल रहा था पर अभी वो लड़ना नहीं चाहता था क्योंकि अभी उसकी बॉडी में पहले की चोट में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था

पर रघु जान बुझ कर द्रांश से लड़ाई कर रहा होता है वो द्रांश के सीने पर हाथ रख कर उसे पीछे की ओर धक्का देते हुए कहता है क्यों बे पिल्ले अब तेरी औकात नहीं है मुझसे लड़ने की कल तो बहुत शेर बन रहा था आज क्या हो गया या मेरे आदमियों ने तुझे मार मार कर तुझे शेर से गीदड़ बना दिया

द्रांश देखिए मैं आपसे लड़ना नहीं चाहता

रघु उसे दोबारा पीछे की ओर पुश करते हुए कहता है पर मै तो लड़ना चाहता हूं और वो एक बार फिर द्रांश को पुश करता उससे पहले द्रांश एक जोर का पंच उसके मुंह पर जड़ देता है जिससे रघु का चेहरा दूसरी तरफ झुक जाता है

रघु अभी कुछ रिएक्ट करता उससे पहले द्रांश लगातार उसके मुंह पर मुक्के बरसाने लगता है जिससे रघु के मुंह से खून आने लगता है

रघु भी खुद को बचाने के लिए अपने हाथ में पकड़ी थाली द्रांश के सिर पर मारता है

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